बृहस्पति पर जीवन यूरोपा & गैनीमेड की खोज

बृहस्पति (Jupiter), हमारे सौर मंडल का सबसे विशालकाय ग्रह, गैस और बादलों का एक उग्र गोला है। अपने प्रचंड गुरुत्वाकर्षण, तीव्र विकिरण और अत्यधिक ठंडे तापमान के कारण, इसकी सतह पर जीवन (life) की संभावना न के बराबर है। हालांकि, विज्ञान की दुनिया में यह सवाल आज भी जीवंत है: क्या बृहस्पति के पास मौजूद किसी स्थान पर जीवन पनप सकता है? इसका जवाब बृहस्पति के चारों ओर परिक्रमा कर रहे उसके रहस्यमय बृहस्पति के चंद्रमाओं (Jovian moons) में छिपा हो सकता है।

बृहस्पति पर जीवन क्यों नहीं? 🤔

बृहस्पति मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम से बना है, जिसमें कोई ठोस सतह नहीं है। ग्रह के अंदरूनी हिस्से में दबाव इतना अधिक है कि हाइड्रोजन धातु के रूप में मौजूद होती है।

  • अत्यधिक विकिरण: बृहस्पति का शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र सौर मंडल में सबसे तीव्र है, जो इसके आसपास के वातावरण को घातक विकिरण से भर देता है।
  • तापमान: ऊपरी वातावरण का तापमान लगभग -145°C है, जो किसी भी ज्ञात जीवन रूप के लिए बहुत ठंडा है।
  • ठोस सतह का अभाव: जीवन को जिस तरह से हम जानते हैं, उसे पनपने के लिए तरल पानी और एक स्थिर सतह की आवश्यकता होती है।

आशा की किरण: बृहस्पति के बर्फीले चंद्रमा 🌕

अगर जीवन बृहस्पति पर नहीं हो सकता, तो उसकी खोज हमें उसके गैलीलियन चंद्रमाओं (Galilean moons) की ओर ले जाती है—ये हैं आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनीमेड (Ganymede), और कैलिस्टो (Callisto)। इनमें से, दो चंद्रमा - यूरोपा और गैनीमेड - जीवन के लिए सबसे अधिक आशाजनक माने जाते हैं।

🧊 यूरोपा: महासागर की दुनिया

यूरोपा को अक्सर जीवन की तलाश में सौर मंडल में सबसे अच्छी जगह के रूप में जाना जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यूरोपा की बर्फीली क्रस्ट (बर्फ की पपड़ी) के नीचे एक विशाल खारे पानी का महासागर (vast saltwater ocean) छिपा हुआ है।

  • तरल पानी (Liquid Water): यह महासागर बर्फीली सतह से गर्मी बनाए रखने के लिए बृहस्पति के ज्वारीय बल (Tidal forces) द्वारा उत्पन्न गर्मी पर निर्भर करता है। तरल पानी जीवन की मूलभूत आवश्यकता है।
  • ऊर्जा स्रोत (Energy Source): पृथ्वी पर गहरे समुद्र के वेंट (vents) के पास जीवन सूर्य के प्रकाश के बिना रसायन संश्लेषण (chemosynthesis) के माध्यम से पनपता है। यूरोपा के समुद्र तल पर भी ऐसे ही हाइड्रोथर्मल वेंट हो सकते हैं जो रासायनिक ऊर्जा प्रदान कर सकें।
  • महासागर और सतह का संपर्क: सतह पर दिखने वाली दरारें और प्लायूम (Plumes—पानी के फव्वारे) यह संकेत देते हैं कि महासागर सतह के साथ संपर्क में आ सकता है, जिससे वैज्ञानिक सतह से ही महासागर के नमूने लेने की उम्मीद कर रहे हैं।

🌌 गैनीमेड: चुंबकीय क्षेत्र वाला चंद्रमा

गैनीमेड सौर मंडल का सबसे बड़ा चंद्रमा है और यह एकमात्र ऐसा चंद्रमा है जिसका अपना चुंबकीय क्षेत्र (magnetic field) है। वैज्ञानिक मानते हैं कि गैनीमेड में भी बर्फ की कई परतों के बीच एक अंडरग्राउंड महासागर है।

  • चुंबकीय ढाल (Magnetic Shield): इसका अपना चुंबकीय क्षेत्र कुछ हद तक बृहस्पति के हानिकारक विकिरण से बचाव प्रदान कर सकता है, जो सतह के नीचे के महासागर में जीवन के लिए सहायक हो सकता है।
  • बड़ी मात्रा में पानी: ऐसा माना जाता है कि गैनीमेड में पृथ्वी के सभी महासागरों से भी अधिक पानी है, लेकिन इसका महासागर यूरोपा की तुलना में बर्फीली परतों के नीचे बहुत गहराई में छिपा हुआ है।

भविष्य की खोजें और मिशन 🚀

यूरोपा और गैनीमेड पर जीवन की संभावना इतनी महत्वपूर्ण है कि नासा (NASA) और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने विशेष मिशन भेजे हैं:

  • नासा का यूरोपा क्लिपर (Europa Clipper): 2024 में लॉन्च होने वाला यह मिशन यूरोपा की विस्तृत जांच करेगा और यह पुष्टि करने की कोशिश करेगा कि वास्तव में बर्फ के नीचे एक महासागर मौजूद है या नहीं।
  • ईएसए का जूस (ESA's JUICE - JUpiter ICy Moons Explorer): यह मिशन 2023 में लॉन्च हुआ है और मुख्य रूप से गैनीमेड पर ध्यान केंद्रित करेगा, इसके बर्फीले वातावरण और संभावित महासागर का अध्ययन करेगा।

निष्कर्ष

बृहस्पति खुद तो जीवन के लिए एक घातक जगह है, लेकिन उसके चंद्रमा यूरोपा और गैनीमेड हमें यह सिखाते हैं कि जीवन ऐसी जगहों पर भी पनप सकता है जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी। तरल पानी, ऊर्जा के स्रोत और रासायनिक तत्वों की उपस्थिति इन बर्फीली दुनिया को जीवन की खोज के लिए हमारे सौर मंडल में सबसे रोमांचक लक्ष्य बनाती है।

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